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ग्रामीणों ने मनरेगा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य विकास अधिकारी और मुख्यमंत्री को  भेजा शिकायती पत्र 

नैनीताल। कोटाबाग विकासखंड की ग्राम सभा पतलिया के ग्रामीणों ने मनरेगा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लंबे समय से गड़बड़ियां की जा रही हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान और वर्तमान प्रधान पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार 2014 से 2019 तक प्रधान रहते हुए और बाद में प्रधान पति के तौर पर कार्य करते हुए उन्होंने मजदूर और कुशल मजदूर श्रेणी में स्वयं के नाम से जॉब कार्ड बनवाए और इन कार्डों के माध्यम से मजदूरों की धनराशि अपने निजी खाते में डलवाई।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 2025 के पंचायती चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए मनरेगा की धनराशि मतदाताओं के खातों में डाली गई, जिसमें पंचायत कर्मचारियों की मिलीभगत भी रही।

आईटीआई कार्यकर्ता और शिकायतकर्ता कमल बोहरा ने चौकी प्रभारी को पत्र देकर बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में मांग की है कि प्रधान पति पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाए, वर्तमान प्रधान को पद से हटाया जाए, चुनाव आयोग को सूचित कर चुनावी भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए, पंचायत कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हो, गबन की गई धनराशि की वसूली की जाए और दोषियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज हो।

बैठक में पूर्व प्रधान मदन लोहनी, कमल बोहरा, कैलाश रिखाड़ी, भोला बिष्ट, देवेंद्र बोहरा, गणेश रिखाड़ी, पूरन अधिकारी, गोपाल बिष्ट, विनोद पांडे, विनोद जोशी, खेम सिंह जखवाल, अर्जुन बिष्ट, जयपाल, मोनू बुढ़लाकोटी, पंकज बुढ़लाकोटी, पप्पू कत्यूरा, निर्मल अधिकारी, गणेश कबडाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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