हल्द्वानी। कुमाऊं में लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों ने चिंताजनक हालात पैदा कर दिए हैं। बीते दस दिन के भीतर 50 से अधिक लोग इन अपराधियों के चंगुल में फंसकर ढाई करोड़ की बड़ी रकम गंवा बैठे हैं।
इनमें कई पुराने मामले भी शामिल हैं, जो अब सामने आ रहे हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी के मामलों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शातिर अपराधी लोगों को नौकरी लगाने, पैसे दोगुना करने, बीमा पॉलिसी, सिम एक्टिवेट करने, डिजिटल अरेस्ट समेत तमाम हथकंडे अपनाकर झांसे में ले रहे हैं। जिसके बाद उनकी जमापूंजी को झटके में हड़प ले रहे हैं।
दस दिन के भीतर 54 लोगों से कुमाऊं में साइबर ठगी हुई। इन लोगों से कुल दो करोड़ 64 लाख से अधिक की ठगी हुई। पिछले कुछ दिनों में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद से एकाएक ठगी के मामले सामने आ रहे हैं।
हर जिले में पांच से छह महीने पुराने मामले दर्ज हो रहे हैं। — नैनीताल: नैनीताल जिले में करीब 15 मुकदमे पिछले दो सप्ताह में साइबर ठगी के दर्ज हुए हैं। इन मामलों में करीब 70 लाख की ठगी हुई।
सभी मामलों की विवेचना विचाराधीन है। ठगों को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं। — यूएस नगर: कुमाऊं में सबसे अधिक साइबर ठगी के मामले यूएसनगर से सामने आ रहे हैं।
यहां दो सप्ताह के भीतर 21 मामले साइबर अपराध से जुड़े थानों तक पहुंचे। इन लोगों से साइबर ठगों ने एक करोड़ 39 लाख रुपये की रकम हड़प ली। — अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में भी साइबर अपराध तेजी से पैर पसार रहा है। इस जिले में दो सप्ताह के भीतर 11 मुकदमे दर्ज हुए।
इन लोगों से ठगों ने 33 लाख रुपये की रकम हड़पी। इसमें एक मामला डिजिटल अरेस्ट का भी है। — पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले में आमतौर पर लगातार ठगी के मामले आते रहे हैं।
हालांकि, पिछले दो सप्ताह में केवल एक मामला आया। जिसमें ठग ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करके युवक को 4.82 लाख की चपत लगाई। इस बीच चम्पावत जिले में कोई मामला नहीं आया। — बागेश्वर: बागेश्वर जिले में दो सप्ताह के भीतर साइबर अपराध का एक मामला दर्ज हुआ है।
