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हल्द्वानी। प्राचीन श्री रामलीला मैदान में आज मेघनाथ बध तथा सुलोचना सती की लीला का मंचन कराया गया व्यासजी पुष्कर दत्त शास्त्री कहते है कि मेघनाद ने मायावी युद्ध में लक्ष्मण पर अमोघ शक्ति बाण चलाया था।

जिससे लगने और लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते हैं हनुमानजी द्वारा लाई गई संजीवनी बूटी से मूर्छा दूर होती है, फिर से युद्ध होता है और मेघनाथ का वध होता है।

लक्ष्मण जी के वाण से उसका सिर रामा दल में और भुजा सुलोचना की गोद में गिरती है मेघनाथ की पत्नी सुलोचना एक पतिव्रता नारी होती है और युद्ध के दौरान वह तप में लीन होती है।

अपने पति की भुजा देख कर वह अत्यंत व्यथित होते हुए श्री राम जी से अपने पति का सिर देने का निवेदन करती है।

भगवान श्री राम उसके निवेदन पर मेघनाथ का सिर उसे सौंप देते हैं, सुलोचना लंका वापस आ कर अपने पति के शव के साथ सती हो जाती है।

आज संचालन समिति से एडवोकेट बिंदेस गुप्ता, प्रेम गुप्ता, प्रदीप जनोंटी, विवेक कश्यप, योगेश शर्मा, विनीत अग्रवाल , बसंत अग्रवाल आदि ने अतिथियों का स्वागत किया . आज मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा daramwal, लालकुआं विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट, विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रांतीय महामंत्री तरुण बंसल, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्या रहे अन्य अतिथियों में पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, आनंद daramwal, डाक्टर पुनीत अग्रवाल, अमरनाथ जोशी आदि थे।

श्री रामलीला मंचन में आज भारत विकास परिषद शाखा हल्द्वानी, महेश्वरी समाज, लाइनेस क्लब आदि ने सेवायें दी।

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