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मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के कथित नकल प्रकरण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए बुधवार को एक बड़ा बयान दिया।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए झुकना तो क्या, अगर जरूरत पड़ी तो वह अपना सिर भी कटा सकते हैं।

एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने उन लोगों की आलोचना पर जवाब दिया, जिनका मानना था कि उन्हें धरना स्थल पर जाकर आंदोलनकारी युवाओं से नहीं मिलना चाहिए था और न ही उनकी सीबीआई जांच की मांग के आगे झुकना चाहिए था।

सीएम धामी ने कहा, “प्रदेश के युवा गर्मी और धूप में वहां बैठकर अपनी मांगें रख रहे थे। निश्चित रूप से कुछ लोगों को लगता होगा कि मैं वहां क्यों गया और क्यों उनकी मांगों के आगे झुक गया। मैं कहता हूं कि झुकना तो क्या, यदि युवाओं के लिए सिर कटाना पड़े तो वह भी कटा सकते हैं, क्योंकि वे हमारा भविष्य हैं।

उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।” मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि उनके और आंदोलनकारी युवाओं के बीच संवाद की कमी थी, लेकिन उन्होंने स्वयं धरना स्थल पर जाकर संवाद स्थापित किया और युवाओं की मांग स्वीकार कर ली।

सीबीआई जांच की सिफारिश को मंजूरी

इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 सितंबर को सामने आए इस नकल प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश को मंजूर कर दिया है।

उन्होंने दोहराया कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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