भीमताल। नैनीताल जिले में स्थित खूबसूरत पर्यटन स्थल भीमताल में एक सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की मांग दशकों से लंबित है।

क्षेत्र के साहित्य प्रेमी और बुद्धिजीवी लंबे समय से इस सुविधा की कमी महसूस कर रहे हैं।

जिसके कारण उन्हें साहित्य और ज्ञान संबंधी जानकारी के लिए अन्य जगहों पर निर्भर रहना पड़ता है।भीमताल नगर पंचायत का गठन पांच दशक पूर्व हुआ था।

तत्कालीन चेयरमैन बी.डी. जोशी ने अपने कार्यकाल में नगर पंचायत कार्यालय में एक पुस्तकालय की स्थापना की थी।

उस समय क्षेत्र के सांसद पं. नारायण दत्त तिवारी ने सांसद निधि से डेढ़ लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। हालांकि, नगर पंचायत के नए भवन बनने के बाद पुस्तकालय की पुनर्स्थापना नहीं हो सकी और यह सुविधा बंद हो गई।

आज भीमताल दिनोदिन शिक्षण संस्थाओं का हब बनता जा रहा हैं, लेकिन सार्वजनिक पुस्तकालय का अभाव साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।

क्षेत्र के बुजुर्ग, रिटायर, पूर्व सैनिक, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समय-समय पर इस मांग को उठाया है।

इसी कड़ी में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भीमताल में शीघ्र पुस्तकालय खोलने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और भीमताल को एक आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय की सौगात मिलेगी।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  वीकेंड पर कैंची धाम जाने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक प्लान, भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध; भीमताल और भवाली में पार्किंग के बाद शटल सेवा से पहुंचेंगे श्रद्धालु

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.