नैनीताल। क्रिसमस के साथ-साथ नए साल के मौके पर उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र सैलानियों से खचाखच भरने वाले हैं।
इससे पहले प्रशासन पर्यटकों की सुविधा की तैयारी में जुट गया है ताकि बाहर से घूमने आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो और ना ही बेवजह कोई पैसा वसूले।
नैनीताल जिला प्रशासन ने होटल मालिकों पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है. नैनीताल में अब पर्यटकों को होटलों के दाम दिखाने होंगे. बकायदा होटल मालिकों को रेट लिष्ट लगानी होगी ताकि पर्यटकों से ठगी ना कर सकें।
नैनीताल जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग को आदेश दिया है कि जो होटल ऐसा नहीं कर रहे हैं. उन पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए. दरअसल, नैनीताल में कई होटल अवैध तौर पर चल रहे हैं, जिनके कमरों का कोई तय रेट नहीं हैं।
ऐसे होटल मालिक पर्यटकों को जरुरत से ज्यादा लूट रहे हैं तो टैक्स भी सरकार की चोरी कर रहे हैं. बता दें कि जब टूरिज्म पीक पर होता है तो ऐसे खबरें खूब सामने आती हैं।
लोग सोशल मीडिया पर भी वीडियो शेयर कर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं. लेकिन इस बार ऐसा कुछ ना हो, इसके लिए प्रशासन तैयारी कर रहा है।
हालात यहां तक हैं कि ये होटल संचालक पर्यटकों की बढ़ती भीड़ में 2 हजार सुविधाओं वाले कमरे को 10 हजार तक में बेच देते हैं. इन होटलों की कई बार शिकायत हुई. मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
लेकिन ठीक क्रिसमस और थर्टी फस्ट से पहले नैनीताल जिला प्रशासन ने ऐसे सभी होटलों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किये हैं।
वहीं होटल एसोसिएशन भी मान रहा है कि अवैध होटल संचालकों की मनमानी से शहर की छवि खराब होने के साथ पर्यटन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।





