पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की बानगी उस समय देखने को मिली जब एक मरीज का उपचार जमीन पर लेटाकर किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के गृह जनपद पौड़ी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पाटीसैंण में मरीज को बेड उपलब्ध नहीं हो पाया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आए दिन उठने वाले सवालों के बीच अब अस्पताल प्रशासन सफाई दे रहा कि स्ट्रेचर का आकार बेड से बड़ा था, सो कुछ देर के लिए मरीज को स्ट्रेचर सहित जमीन पर रखा गया। हालांकि, सीएमओ ने इसका संज्ञान लेते हुए अस्पताल के प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है।

इंटरनेट मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है उसके अनुसार, पीएचसी पाटीसैंण में बुधवार शाम करीब सात बजे 108 एंबुलेंस से पाटीसैंण निवासी अर्जुन भंडारी को लाया गया था।

अस्पतालकर्मी उन्हें स्ट्रेचर के सहारे उपचार के लिए बेड पर ले गए, लेकिन इसके बाद स्ट्रेचर को जमीन पर रखकर वहीं उनका उपचार शुरू हो गया।

हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद कूल्हे की हड्डी के टूटने की आशंका को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

वीडियो प्रसारित होने के बाद अस्पताल प्रशासन की खूब किरकिरी हो रही है।

पौड़ी का न्यूनतम तापमान शाम को पांच डिग्री से भी कम हो रहा है, ऐसे में मरीज के साथ बरती गई असंवेदनशीलता पर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन इस पर अपने-अपने तर्क दे रहा है।

पीएचसी पाटीसैंण टाइप-ए अस्पताल है। यहां दो चिकित्सक, दो नर्सिंग स्टाफ और एक फार्मेसिस्ट की नियुक्ति है। चतुर्थ श्रेणी स्टाफ तैनात नहीं है।

जिला अस्पताल पौड़ी के पीएमएस डा. एलडी सेमवाल ने बताया कि मरीज घर के पास गिर गए थे, उनके कूल्हे में चोट आई है। हो सकता है कि नशे की हालत में गिरे हों।

अस्पताल में उनका एक्सरे और सीटी स्कैन किया गया। किसी तरह का फ्रेक्चर नहीं पाया गया। सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। डाक्टरों के टीम की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

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