ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है।

दिन के समय तेज धूप निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम ठंड का सितम बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।

पाला और कोहरे को लेकर यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में पाले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर के साथ ही नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे नीचे दर्ज किया जा रहा है। इसी कारण सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है।

17 जनवरी के आसपास बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 17 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहने के आसार हैं।

मसूरी में सर्दी का सितम, कंपनी गार्डन झील का पानी जमने लगा

मसूरी।

मसूरी सहित यमुना और अगलाड़ घाटियों में कड़ाके की ठंड ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। मसूरी में रात का तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है, जिससे कंपनी गार्डन झील का पानी जमना शुरू हो गया है।

दिन में धूप खिलने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन शाम होते ही सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही हैं।

पाला गिरने से दुपहिया वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किल

शहर के उत्तरी क्षेत्रों—जीरो प्वाइंट, कैंपटी रोड, कैमल्स बैक रोड, जबरखेत-बाटाघाट रोड और वेवरली चौराहे से हाथीपांव रोड—पर भारी पाला पड़ रहा है। इससे फिसलन बढ़ने के कारण कई दुपहिया सवार चोटिल हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर मंथन

You missed

error: Content is protected !!