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देवरानी की मौत का लगा ऐसा सदमा, कुछ घंटे बाद जेठानी ने भी तोड़ा दम, एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार

राजस्थान। सीकर जिले में रिश्तों की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. नीमकाथाना उपखंड के भूदोली गांव में रविवार को एक बेहद मार्मिक घटना घटी, जहां मौत भी देवरानी और जेठानी के अटूट रिश्ते को अलग नहीं कर सकी।

एक ही परिवार में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो महिलाओं की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पहले देवरानी की असमय मौत हुई और उसी सदमे को जेठानी सहन नहीं कर सकीं। देवरानी की मौत की खबर मिलते ही जेठानी की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही घंटों बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। भावुक कर देने वाली इस घटना के बाद दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।

जानकारी के अनुसार, परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था। अचानक देवरानी की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। देवरानी की मौत की सूचना जैसे ही घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जेठानी, जो देवरानी से बेहद जुड़ी हुई थीं, इस खबर को सुनते ही बेसुध हो गईं।

बताया जा रहा है कि जेठानी पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। सदमे के कारण उन्हें तेज घबराहट और सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक मानसिक आघात और हार्ट अटैक उनकी मौत की वजह हो सकता है।

दोनों महिलाओं की मौत की खबर फैलते ही गांव/इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों का घर पर तांता लग गया। हर कोई इस बात से स्तब्ध था कि कुछ घंटों के अंतराल में एक ही परिवार की दो महिलाओं की जान चली गई।

परिवार की आर्थिक और भावनात्मक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ करने का फैसला लिया। श्मशान घाट में जब एक ही चिता पर देवरानी और जेठानी का अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इस दृश्य ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया।

जीवन भर साथ निभाया, अंतिम सफर भी साथ

ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि पतासी देवी और माली देवी के बीच सगी बहनों से भी बढ़कर प्यार था. दोनों में गहरा आत्मीय लगाव था और उन्होंने जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया था. यही वजह थी कि एक के जाने का गम दूसरी नहीं सह सकी।

ग्रामीणों का कहना है कि दोनों महिलाओं के बीच रिश्ते सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि सगी बहनों जैसे थे। यही वजह रही कि देवरानी की मौत का सदमा जेठानी सहन नहीं कर पाईं। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रिश्तों का भावनात्मक जुड़ाव कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी को भी मिटा देता है।

फिलहाल पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और घर में चूल्हा तक नहीं जला है। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई है।

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