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किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: 26 पर मुकदमा, दो दरोगा निलंबित, 10 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

मुख्यमंत्री के मजिस्ट्रेट जांच आदेश के बाद पुलिस-प्रशासन में बड़ी कार्रवाई

ऊधमसिंह नगर। काशीपुर क्षेत्र के किसान सुखवंत सिंह की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को मृतक के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं।

साथ ही, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस उप-निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 10 अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जाने के एक दिन बाद की गई है।

घटना का पूरा मामला:

काशीपुर के पैगा गांव निवासी 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह ने रविवार तड़के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित एक होटल के कमरे में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने जमीन के नाम पर चार करोड़ रुपये की ठगी और पुलिस द्वारा शिकायत न सुने जाने का आरोप लगाया था।

भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा:

पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर कोतवाली आईटीआई में 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में कहा गया है कि सुखवंत सिंह और परविंदर सिंह ने भूखंड खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों और मध्यस्थों को 2.80 करोड़ रुपये नकद और 1.02 करोड़ रुपये बैंक खाते के माध्यम से दिए थे, लेकिन न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही रकम वापस की गई।

मानसिक प्रताड़ना का आरोप:

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि प्रॉपर्टी डीलरों ने दोनों भाइयों को शारीरिक और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया, जिससे सुखवंत सिंह गहरे तनाव में चला गया और अंततः उसने आत्महत्या कर ली।

इन धाराओं में मुकदमा दर्ज:

पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस पर गिरी गाज:

मामले में शिकायत पर समय रहते कार्रवाई न करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने कोतवाली आईटीआई के प्रभारी उप-निरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और उप-निरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।

इसके अलावा, कोतवाली आईटीआई क्षेत्र की पुलिस चौकी पैगा में तैनात पूरे पुलिस बल को लाइन हाजिर कर दिया गया है, जिनमें चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक जितेंद्र कुमार सहित कुल 10 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

एसएसपी का सख्त संदेश:

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर लापरवाही, संवेदनहीनता या कर्तव्यहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को न्याय और सुरक्षा देना है, और इसमें चूक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो में लगाए थे गंभीर आरोप:

आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में सुखवंत सिंह ने कथित ठगी करने वालों के नाम सार्वजनिक किए थे। उसने यह भी कहा था कि उसने इस संबंध में ऊधमसिंह नगर के एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक किसान के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए निर्देश दिए थे कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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