उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
किसानों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सर्वे के निर्देश
मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सर्वे कर फसल नुकसान का वास्तविक आंकलन किया जाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
किसानों को राहत देने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए स्थिति का सही और निष्पक्ष आकलन बेहद जरूरी है। नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को सहयोग मिल सके।
कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की योजना
बैठक में कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से—
इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना
के लिए कागजी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
93 राजकीय उद्यानों के पुनर्जीवन पर फोकस
कृषि मंत्री ने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित कर उन्हें आय सृजन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लिए स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
विभिन्न मिशनों के लिए योजनाबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
को योजनाबद्ध तरीके से लागू करने और केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





