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धामी मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: यूपीएनएल कर्मियों को चरणबद्ध रूप से मिलेगा “समान काम–समान वेतन” का लाभ

देहरादून। धामी मंत्रिमंडल ने गुरुवार को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (यूपीएनएल) के कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से “समान काम के लिए समान वेतन” का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

पहले चरण में उन यूपीएनएल कर्मियों को वेतन संबंधी लाभ देने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है।

कैबिनेट ने उप-समिति की सिफारिशों पर लगाई मुहर

मंत्रिमंडल ने 8 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में गठित मंत्रिस्तरीय उप-समिति की सिफारिशों पर विस्तृत मंथन किया। यह समिति उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा 12 नवंबर 2018 को जनहित याचिका पर दिए गए आदेश के बाद गठित की गई थी।

राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। शुरुआत में इसका लाभ उन कर्मियों को मिलेगा, जिन्होंने एक दशक की सेवा पूरी कर ली है।

भूमि विवादों के समाधान के लिए सख्त निर्देश

हेडिंग:

भूमि विवादों के शीघ्र निस्तारण के लिए राज्यव्यापी अभियान के निर्देश

बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यभर में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि एक माह के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और कई बार कानून व्यवस्था व सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करते हैं। सरकार की प्राथमिकता इनका पारदर्शी, निष्पक्ष और शीघ्र समाधान है।”

उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान संवेदनशील मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अभियान की साप्ताहिक होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, मुख्य सचिव अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

सीएम धामी ने विश्वास जताया कि इस विशेष अभियान से भूमि विवादों का शीघ्र समाधान होगा, आम जनता को राहत मिलेगी और सरकार व प्रशासन के प्रति जनविश्वास और मजबूत होगा।

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