हल्द्वानी। नितिन लोहनी हत्याकांड में पुलिस ने सबूतों की कड़ी और मजबूत करने की तैयारी कर ली है।
मृतक नितिन के कपड़ों में लगे रक्त के नमूनों और पोस्टमार्टम के दौरान शव से निकाले गए छर्रों के खून की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
इन साक्ष्यों को हत्यारोपित पार्षद को सजा दिलाने के लिए अदालत में अहम प्रमाण के रूप में पेश किया जाएगा।
फिलहाल देहरादून स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में भेजी गई दो नाली बंदूक और विदेशी पिस्टल की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पार्षद अमित बिष्ट ने अपने घर के सामने 22 वर्षीय नितिन लोहनी पर शॉटगन से फायर किया था, जिससे नितिन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय नितिन के साथ मौजूद उसका दोस्त कमल भंडारी जान बचाकर भाग निकला। कमल भंडारी के बयान कोर्ट में चश्मदीद गवाह के रूप में दर्ज किए जा चुके हैं, हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार उसे आगे भी बयान के लिए बुलाया जा सकता है।
हत्या के आरोप में पार्षद अमित बिष्ट और उसका 19 वर्षीय बेटा दोनों फिलहाल जेल में हैं। बेटे के हाथ में मिली विदेशी पिस्टल से फायरिंग हुई या नहीं, इसकी पुष्टि बैलेस्टिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट में पिस्टल से जुड़े गन पाउडर की जांच की जा रही है।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि पुलिस सभी अहम साक्ष्यों को मजबूत तरीके से अदालत में पेश करेगी, ताकि नितिन लोहनी हत्याकांड में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके।





