उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर शासन और संगठन स्तर पर अंदरखाने कसरत तेज कर दी गई है।
गोपन विभाग ने मांगा रिक्त पदों का ब्योरा
सूत्रों के मुताबिक गोपन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों से उनके यहां रिक्त पड़े दायित्वधारी पदों का विस्तृत विवरण तलब किया है। इससे माना जा रहा है कि दायित्वधारियों की नई सूची जारी करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
चुनावी संतुलन साधने की कवायद
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। ऐसे में न केवल दायित्वधारियों की नई सूची बल्कि कैबिनेट में नए मंत्रियों की संभावित एंट्री को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विधायकों और नेताओं में बढ़ी उत्सुकता
पार्टी के कई विधायक और वरिष्ठ नेता लंबे समय से दायित्व मिलने की प्रतीक्षा में हैं। विधायकों के बीच अपनी ‘लॉटरी खुलने’ को लेकर उत्सुकता साफ नजर आ रही है। वहीं संगठन से जुड़े अनुभवी नेता विभिन्न निगमों, परिषदों और समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य पद मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जमीनी सक्रियता बढ़ाने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले पार्टी अधिक से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी देकर जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना चाहती है। बीजेपी के आला नेताओं के बीच भी यह चर्चा है कि अधिकांश नामों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
अब तक जारी हो चुकी हैं चार सूचियां
गौरतलब है कि प्रदेश में दायित्वधारियों की
पहली सूची 27 सितंबर 2023 को जारी हुई थी, जिसमें 10 नेताओं को जिम्मेदारी मिली।
दूसरी सूची 14 दिसंबर 2023 को सामने आई, जिसमें 11 नेताओं के नाम शामिल थे।
तीसरी सूची 1 अप्रैल 2024 को जारी हुई, जिसमें 20 नेताओं को दायित्व सौंपा गया।
चौथी सूची 4 अप्रैल 2024 को जारी की गई, जिसमें 18 नेताओं को शामिल किया गया।
अब सभी की नजरें पांचवीं सूची पर टिकी हैं, जिसके जरिए संगठन और सरकार दोनों को नया संतुलन देने की तैयारी मानी जा रही है।














