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हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। भूमध्य सागर के आसपास से नमी लेकर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर बढ़ने वाला यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है।

इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी तो वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश, ठंडी हवाएं और घना कोहरा देखने को मिल रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज सुबह 31 जनवरी 2026 को जारी मौसम अपडेट में बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम अचानक बदल रहा है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और ठंड का असर बढ़ गया है।

उत्तराखंड में दिखा दोहरा मौसम

उत्तराखंड में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप नजर आ रहे हैं। पहाड़ी जिलों में जहां बर्फबारी की संभावना जताई गई है, वहीं मैदानी इलाकों में सूखी ठंड लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग के अनुसार पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जैसे उच्च हिमालयी जिलों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है।

बर्फबारी के चलते चारधाम यात्रा मार्ग और सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर बर्फ की चादर बिछने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी तथा पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।

हिमाचल प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को मौसम शुष्क रहा और धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान अभी भी शून्य से नीचे बना हुआ है।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2 फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके अलावा 5 फरवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आने की संभावना है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में फिर बढ़ेगी ठंड

जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में न्यूनतम तापमान में मामूली राहत मिली है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान बढ़कर 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले शून्य से नीचे था। हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी।

1 से 3 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी।

मैदानी राज्यों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात हो सकता है।

बादल छाए रहने और ठंडी हवाओं के कारण इन इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड का असर और तेज महसूस होगा।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

दिल्ली-एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 31 जनवरी और 1 फरवरी को राजधानी में बारिश, गरज-चमक और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी की सुबह मध्यम से घना कोहरा छा सकता है, जबकि शाम और रात के समय बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का कहर

उत्तर प्रदेश में हालिया बारिश और ओलावृष्टि के बाद ठंड और तेज हो गई है। राज्य के 30 से अधिक जिलों में कोहरे और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 1 फरवरी से फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो 2 से 3 दिन तक जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन अहम

मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के 14 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तरी मध्य प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा देखा गया।

मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में और गिरावट की आशंका जताई गई है। 2 फरवरी तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश, बादल और कोहरे का असर बना रह सकता है।

सावधानी और सतर्कता की सलाह

बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में कोहरे और ठंड के कारण वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी गई है।

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