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लोकसभा चुनाव 2024 : चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले चुनाव में भारत के करीब एक तिहाई लोगों ने अपने मत का उपयोग नहीं किया था। वोट न करने वालों में युवा, अमीर और शहरी जनसंख्या वाले लोग शामिल थे।

भारत मौजूदा समय में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. इस देश में 1962 लोकसभा चुनाव के मुकाबले वोटर्स की संख्या में चार गुना इजाफा हुआ है. भारत निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारत में लगभग 94.5 करोड़ वोटर्स रजिस्टर्ड हुए, इनमे से एक तिहाई लोगों ने लोकसभा चुनाव 2019 में अपने मत का उपयोग ही नहीं किया।

अब देश में एक बार फिर 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है. पूरे देश में 19 अप्रैल से 1 जून 2024 तक 7 चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. 4 जून को लोकसभा चुनाव 2024 का चुनाव परिणाम जारी किया जाएगा. आज (20 मार्च 2024) से पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

युवा और शहरी अमीरों को नहीं है वोटिंग में इंटरेस्ट?

भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक भारत के लगभग 30 करोड़ लोगों ने लोकसभा चुनाव 2019 में अपने मतदान-महादान का उपयोग नहीं किया था. चुनाव आयोग ने भी माना कि शहरी क्षेत्र के लोग पिछले लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में वोट डालने बूथों पर नही गए थे।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों को वोट डालने नहीं जाना, भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी अच्छा संकेत नहीं है. पिछले लोकसभा चुनाव में वोटर्स की दूरी के चलते चुनाव आयोग ने अवेयरनेस कैंपेन के जरिए वोटर टर्नआउट को 75 से 80% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

जागरुक करने के लिए इलेक्शन कमीशन लगातार प्रयासरत!

चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव 2024 में वोटिंग प्रतिशत को 80% प्रतिशत तक ले जाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अवेयरनेस कैंपेन चला रहा है। इलेक्शन कमीशन कई जगहों पर नुक्कड़ नाटक, रील बनाने, स्लोगन लिखने जैसी प्रतियोगताओं को आयोजित करके उन एक तिहाई यानी की लगभग 30 करोड़ लोगों को भी वोट डालने के लिए जागरूक कर रहा है।

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