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उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव में ABVP का परचम, 110 से अधिक कॉलेजों में प्रमुख पदों पर जीत

एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में निर्दलीय आर्यन बेलवाल बने अध्यक्ष, 1723 वोट पाकर 466 मतों से हासिल की जीत; डीएवी देहरादून में एबीवीपी के नवदीप राणा ने मारी बाजी

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में मंगलवार को आयोजित छात्रसंघ चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र संगठनों के बीच मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश के 110 से अधिक महाविद्यालयों में अध्यक्ष, महासचिव और अन्य प्रमुख पदों पर जीत दर्ज करने का दावा किया है। वहीं, कई महाविद्यालयों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रमुख पदों पर कब्जा जमाया। एनएसयूआई ने भी विभिन्न महाविद्यालयों में जीत दर्ज की।

प्रदेश के 119 राजकीय, 14 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों और तीन विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रसंघ चुनाव आयोजित किए गए। चुनाव में कई स्थानों पर एबीवीपी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कुछ महाविद्यालयों में एनएसयूआई के प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कई जगह संगठन के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।

एमबीपीजी कॉलेज के अन्य प्रमुख पदों पर भी परिणाम घोषित कर दिए गए। सचिव पद पर सार्थक रस्तोगी ने जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर पूरन सिंह मेवाड़ी विजयी रहे। छात्रा उपाध्यक्ष पद पर दीपा रैकुनी और कोषाध्यक्ष पद पर अक्षिता आर्या ने जीत हासिल की।

देर रात परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने जश्न मनाया। कॉलेज परिसर में चुनाव परिणामों को लेकर छात्रों में उत्साह देखने को मिला।

राजधानी देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी नवदीप राणा ने जीत दर्ज की। उन्होंने एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को पराजित किया।

मतदान और मतगणना के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया।

मसूरी के एमपीजी कॉलेज में भी एबीवीपी ने अध्यक्ष, महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि समेत तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की। वहीं, देहरादून के डीबीएस कॉलेज में अध्यक्ष पद एनएसयूआई के खाते में गया, जबकि सचिव पद पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की।

एसजीआरआर पीजी कॉलेज में एबीवीपी के तीन प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे।

गढ़वाल मंडल के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला देखने को मिला। टिहरी और उत्तरकाशी के परिणामों में एबीवीपी, एनएसयूआई और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की।

टिहरी जिले के 13 महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद के परिणाम इस प्रकार रहे:

एबीवीपी ने छह महाविद्यालयों में जीत दर्ज की।

एनएसयूआई ने चार महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद हासिल किया।

निर्दलीय प्रत्याशियों ने तीन महाविद्यालयों में जीत दर्ज की।

उत्तरकाशी जिले के छह महाविद्यालयों में परिणाम:

एनएसयूआई ने दो महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद जीता।

ओम-आर्यन ग्रुप ने दो महाविद्यालयों में जीत दर्ज की।

एबीवीपी ने एक महाविद्यालय में अध्यक्ष पद हासिल किया।

निर्दलीय प्रत्याशी ने एक महाविद्यालय में जीत दर्ज की।

इन परिणामों से स्पष्ट हुआ कि गढ़वाल मंडल के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र संगठनों के बीच मुकाबला अलग-अलग रहा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कुमाऊं मंडल के 46 महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद के चुनाव परिणामों में एबीवीपी और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

मंडल के महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद पर जीत का आंकड़ा इस प्रकार रहा:

छात्र संगठन जीते महाविद्यालय

एबीवीपी 21

निर्दलीय प्रत्याशी 19

एनएसयूआई 6

कुल 46

कुमाऊं मंडल में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 19 महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, एबीवीपी ने 21 महाविद्यालयों में जीत हासिल की और एनएसयूआई को छह महाविद्यालयों में सफलता मिली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विभिन्न महाविद्यालयों में जीत दर्ज करने वाले एबीवीपी के प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश के छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी प्रत्याशियों की जीत युवाओं की राष्ट्रवादी विचारधारा और छात्रहित के प्रति समर्पित संगठन के साथ खड़े होने का संकेत है। उन्होंने इसे युवाओं के विश्वास और समर्थन से जोड़ते हुए विपक्षी विचारधारा पर भी टिप्पणी की।

छात्रसंघ चुनाव के परिणामों ने प्रदेश की छात्र राजनीति की तस्वीर की साफ

उत्तराखंड के छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने कई महाविद्यालयों में प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई स्थानों पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठनों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता हासिल की।

विशेष रूप से हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल की जीत और कुमाऊं मंडल में निर्दलीय प्रत्याशियों के 19 अध्यक्ष पदों पर कब्जे ने छात्र राजनीति में उनकी भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा है। वहीं, देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज और मसूरी के एमपीजी कॉलेज में एबीवीपी की जीत संगठन के प्रदर्शन का अहम हिस्सा रही।

कुल मिलाकर, प्रदेश के छात्रसंघ चुनावों में अलग-अलग महाविद्यालयों में छात्र संगठनों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और परिणामों ने उत्तराखंड की छात्र राजनीति में विभिन्न संगठनों की स्थिति को सामने रखा।

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