20 साल के संघर्ष के बाद मिली सड़क की सौगात पर भ्रष्टाचार के आरोप, पीएमजीएसवाई कार्यालय में अधिकारियों से तीखी बहस के बाद गठित हुई जांच समिति

नैनीताल/ओखलकांडा। ओखलकांडा ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली ने हरीशताल–स्यूड़ा–कौन्ता मोटरमार्ग के निर्माण कार्य में करीब 38 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने इस सड़क के निर्माण के लिए लगभग 20 वर्षों तक संघर्ष किया, जिसके बाद सड़क निर्माण को मंजूरी मिली। लेकिन निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आने से जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली क्षेत्र की गणमान्य जनता के साथ काठगोदाम स्थित पीएमजीएसवाई कार्यालय पहुंचे, जहां सड़क निर्माण में कथित विभागीय अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। इसके बाद उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले से अवगत कराया।

रूवाली के अनुसार, जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी के इस निर्णय का स्वागत करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।

ब्लॉक प्रमुख ने मांग की कि गठित जांच समिति निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करे तथा जांच प्रक्रिया में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि यदि सड़क निर्माण में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार साबित होता है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण में सामने आई खामियों को तत्काल दूर कर मोटरमार्ग का सुधारीकरण कराया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

अब इस पूरे मामले में सभी की निगाहें जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला जिले की बड़ी सड़क निर्माण परियोजनाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा साबित हो सकता है।

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