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रात में दी थी सभी को नींद की गोली, सुबह चार बजे घोंटा गला

 सराफा कारोबारी ने पत्नी व तीन बच्चों को नींद की गोली खिलाकर रस्सी से गला घोंटकर हत्या की थी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। हत्यारोपी ने आर्थिक तंगी व परिवार के सदस्यों के तानों से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाया है।
इटावा। मोहल्ला लालपुरा निवासी हत्यारोपी मुकेश वर्मा ने सोमवार सुबह साढ़े चार बजे पत्नी रेखा, बेटी भाव्या, काव्या व बेटा अभीष्ट का रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। इससे पहले रात में सभी को नींद की गोलियां खिलाई थीं। पुलिस को व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेज कर मुकेश वर्मा रात करीब आठ बजे स्टेशन पहुंच गया था। वहां ट्रेन के आने पर पटरी पर लेट गया, लेकिन किसी वह बच गया। जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया हत्यारोपी मुकेश वर्मा ने पूछताछ में बताया कि आर्थिक तंगी और काम में घाटा होने के कारण परिवार के सदस्य उसे ताने सुनाते थे। जिस वजह से वह काफी परेशान रहता था। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है। एसएसपी ने बताया कि रेखा के भाई सत्येंद्र सोनी निवासी झांसी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जनपद भिंड मध्यप्रदेश की तहरीर पर मुकेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। रेखा के भाई ने रिपोर्ट में दर्शाया कि उसकी बहन व तीनों बच्चों की हत्या कर फरार हो गया है और बाद में आत्महत्या का नाटक करते हुए रेलवे स्टेशन पर पटरी के बीच लेटा हुआ था। कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
इससे पहले कारोबारी ने बताया कि आठ-दस साल से कुछ घरेलू उलझन चल रही थी, जिसे वह शेयर नहीं कर पा रहा था। दो साल से परेशानी और अधिक बढ़ गई थी। पत्नी ने पूछा था कि क्या हुआ क्यों टेंशन में हो? मैंने कहा था कि ऐसा मन कर रहा है मैं खत्म हो जाऊं। इस पर पत्नी ने कहा था कि अगर ऐसा तो हमें भी संग ले चलना।

‘करवा चौथ के दिन जा रहा था मरने’
कारोबारी ने बताया कि वह अकेला करवा चौथ वाले दिन मरने जा रहा था, लेकिन उस दिन पत्नी ने रोक दिया। बोली अभी करवा चौथ हो जाने दो बाकी बाद में मरने का दिमाग लगाना अभी मत करो। दो दिन पहले मैं कानपुर से लौटा उसके बाद मरने की पूरी व्यवस्था बनाई गई। पत्नी ने कहा था कि कुछ ऐसा दे दो ताकि मरने में तकलीफ कम हो। इस पर मैंने नींद की गोली दी क्योंकि मेरी पहली पत्नी ने भी मरने से पहले सबके सामने नींद की गोली ली थी।
हत्यारे ने बताया कि सबसे पहले पत्नी की मौत हुई फिर बच्चों की। मैं भी मरने गया था लेकिन बच गया। कारोबारी ने बताया कि उसने खुद पत्नी का गला रस्सी से घोंटा। पत्नी ने इससे पहले फंदा लगाकर मारने की कोशिश की थी लेकिन नींद की गोली लेने की वजह से सीधी खड़ी नहीं हो पा रही थी। उसने कहा मुझे लेट जाने दो फिर जैसे मर्जी मार देना। इसे बाद मैंने बच्चों का भी गला रस्सी से घोंट दिया। इस दौरान बच्चों ने मुझसे पूछा भी था कि पापा ये क्या कर रहे है? मैंने कहा बेटा मैं आप लोगों को अकेला छोड़कर नहीं पाया तो संग लेकर जा रहा हूं। लेकिन मैं बच गया। मेरे ऊपर से सात डिब्बे गुजर गए फिर भी बच गया।

इटावा जिले में मोहल्ला लालपुरा के एक सराफा कारोबारी को जीआरपी ने आत्महत्या के प्रयास में जंक्शन के पास स्थित रेलवे ट्रैक से पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उक्त व्यक्ति की पत्नी और तीन बच्चों की मौत की जानकारी मिली। इस पर पुलिस में खलबली मच गई। लगभग 10 बजे घर पहुंची पुलिस को महिला और उसके तीन बच्चे मृत अवस्था में पड़े मिले। पूछताछ में यह भी पता चला है कि पति ने ही पत्नी और बेटी के फोन पर स्टेटस लगाकर और 112 पर पुलिस को पत्नी, तीनों बच्चों के जहर खाकर जान देने की जानकारी दी थी।

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालपुरा में सराफा कारोबारी मुकेश वर्मा (45) संयुक्त परिवार के साथ रहते है। तीन भाइयों का परिवार भी इसी घर में रहता है। सोमवार रात करीब 08:20 मिनट पर मुकेश ने अपनी पत्नी रेखा और बेटी के फोन पर उनकी मौत का स्टेटस लगाया।

पूछताछ में आरोपी ने अपने पत्नी और बच्चों के मरने की जानकारी दी। इस पर करीब 10 बजे कोतवाली पुलिस घर पर पहुंचे। घर के भूतल पर बने कमरे में पुलिस को रेखा, भाव्या और बेटे अभीष्ट के शव पड़े मिले, जबकि पहली मंजिल पर बने कमरे में काव्या का शव पड़ा मिला।

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