शादियों का सीजन के बीच आज 2 फरवरी 2026 को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है।

यह गिरावट सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चल रही है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच चिंता बढ़ गई है।

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एमसीएक्स पर कमजोर कारोबार, क्या ज्वैलरी खरीदने का सही मौका या अभी और इंतजार जरूरी?

नई दिल्ली/मुंबई। देश के कमोडिटी बाजार में आज सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। भारत में एमसीएक्स (MCX) पर सोना गिरावट के साथ कारोबार करते हुए करीब 1.36 से 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक नीचे आ गया है। वहीं चांदी भी भारी दबाव में नजर आई और 2.30 से 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास सस्ती होकर ट्रेड कर रही है।

लगातार आ रही इस गिरावट ने आम उपभोक्ताओं और निवेशकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह ज्वैलरी खरीदने का सही मौका है या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए?

गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोना-चांदी की कीमतों में आई इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने कीमती धातुओं पर नकारात्मक असर डाला है।

इसके अलावा फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीतियों के संकेतों से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी से हटकर शेयर और बॉन्ड जैसे अन्य एसेट्स की ओर बढ़ा है।

एक और अहम वजह वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के बाद भी कमोडिटी मार्केट में स्थिरता न आना बताया जा रहा है। बजट में सोना-चांदी या कमोडिटी सेक्टर के लिए कोई बड़ा सुधारकारी कदम न दिखने से निवेशकों ने नई खरीदारी से दूरी बना ली, जिससे भाव पर दबाव और बढ़ गया।

कितनी और गिरावट संभव?

हालांकि मौजूदा गिरावट के बाद बाजार में हल्का तकनीकी सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि गिरावट की दिशा अभी पूरी तरह थमी नहीं है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर मजबूत बना रहता है और निवेशक जोखिम वाले एसेट्स में निवेश को प्राथमिकता देते हैं, तो सोना और चांदी के दामों में और नरमी आ सकती है।

खासतौर पर चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। कई बाजारों में चांदी 2.58 से 2.66 लाख रुपये प्रति किलो तक टूट चुकी है, जिससे यह अपने हालिया उच्च स्तरों के मुकाबले काफी सस्ती हो गई है। यह स्थिति लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी मानी जा रही है, लेकिन जोखिम के साथ।

ज्वैलरी और निवेश के लिए सही समय क्या?

बाजार विशेषज्ञों और निवेश सलाहकारों का कहना है कि यदि आप लंबी अवधि के निवेश या ज्वैलरी खरीद की योजना बना रहे हैं, तो फिलहाल थोड़ा इंतजार करना बेहतर हो सकता है। गिरावट का ट्रेंड अभी बरकरार है और आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे जा सकती हैं, जिससे बेहतर रेट पर खरीदारी का मौका मिल सकता है।

हालांकि, छोटे निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बाजार में अचानक मामूली सुधार भी देखने को मिल सकता है। इसलिए एकमुश्त बड़ी खरीद के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रणनीति मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, आज सोना-चांदी के भाव में आई बड़ी गिरावट के पीछे वैश्विक बाजार का दबाव, बजट के बाद की अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बिकवाली अहम कारण हैं।

मौजूदा हालात में जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार की चाल पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर किसी अनुभवी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना निवेशकों और ज्वैलरी खरीदारों के लिए समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।

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