भवाली के घोड़ाखाल स्थिति सैनिक स्कूल के कैडेट्स ने  राष्ट्रपति  राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात

रिपोर्टर : गुड़डू सिंह ठठोला

नैनीताल। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल भवाली के कैडेट्स ने  राष्ट्रपति से की मुलाकात, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की राष्ट्रपति ने की तारीफ।

एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं सम्मानजनक क्षण में सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स के एक दल को भारत की माननीय राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से उनकी उत्तराखंड यात्रा के दौरान मिलने का  अवसर प्राप्त हुआ।

यह मुलाकात स्कूल के हीरक जयंती समारोह का एक महत्वपूर्ण भाग थी।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, जो देश का 15वाँ सैनिक स्कूल है और उत्तराखंड का एकमात्र सैनिक स्कूल है। 1966 में स्थापित किया गया था।

यह विद्यालय भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया है और सैनिक स्कूल्स सोसायटी के अधीन कार्य करता है।

यह विद्यालय उन युवा विद्यार्थियों का स्वप्न स्थल है जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश का लक्ष्य रखते हैं।

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल अब तक 10 बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी प्राप्त कर चुका है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स की भारत की  राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से हुई यह भेंट विद्यालय की गौरवशाली यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुई है।

पिछले साठ वर्षों से यह संस्थान देश के भावी नेतृत्वकर्ताओं को गढ़ने में अग्रणी रहा है।

कैडेट्स के साथ विद्यालय के प्राचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह डंगवाल तथा चुनिंदा शिक्षकगण भी उपस्थित थे।

यह अवसर सम्पूर्ण घोड़ाखाल परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बना। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च सेनानायक से हुई यह भेंट कैडेट्स की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगी और उन्हें राष्ट्र सेवा में और ऊँचाइयाँ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

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