बीएनएस की धारा 106(1) के तहत अज्ञात डॉक्टरों व कर्मचारियों पर मुकदमा, इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुलिस ने शुरू की जांच

हल्द्वानी। मुखानी रोड स्थित द प्राइड हॉस्पिटल में किडनी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर हल्द्वानी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत द प्राइड हॉस्पिटल के अज्ञात चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

किशनपुर घुड़दौड़ा निवासी भरत मोहन सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके बड़े भाई ललित मोहन सिंह को पेट दर्द की शिकायत पर द प्राइड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच में किडनी में पथरी की पुष्टि होने पर 24 सितंबर 2025 को उनका ऑपरेशन किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की हालत सामान्य थी, लेकिन कुछ घंटों बाद अस्पताल की ओर से तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई। बाद में दूसरे निजी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई और मौत का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। सीएमओ, कोतवाली और एसएसपी से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद सीएमओ ने विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल बनाकर मामले की जांच कराई थी। जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों के बयानों में अंतर सामने आने के साथ चिकित्सकीय लापरवाही के संकेत भी मिले हैं। हालांकि, अंतिम जिम्मेदारी और तथ्यों का निर्धारण अब पुलिस विवेचना के दौरान किया जाएगा।

मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तहरीर में एक चिकित्सक का नाम दर्ज होने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर अज्ञात डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज की है।

कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है।

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