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हल्द्वानी। वर्ष 2014 से पूर्व नियुक्त एलटी (प्रशिक्षित स्नातक) शिक्षकों को टीईटी-2 की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में राजकीय शिक्षक संघ नैनीताल की कार्यकारिणी, वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों तथा एलटी संवर्ग के शिक्षकों ने कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक बंशीधर भगत को ज्ञापन सौंपकर सरकार से न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की।

शिक्षकों ने ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2014 से पहले एलटी संवर्ग में नियुक्त सभी शिक्षक उस समय प्रभावी सेवा नियमावली के तहत निर्धारित शैक्षिक एवं अन्य अर्हताओं को पूरा करने के बाद ही नियुक्त हुए थे। ऐसे में लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन पर टीईटी-2 की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों ने यह भी कहा कि टीईटी की बाध्यता को भूतलक्षी प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट) से लागू किया जाना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

शिक्षक प्रतिनिधियों ने विधायक को बताया कि अनेक वरिष्ठ शिक्षक 25 से 30 वर्षों से अधिक समय से शिक्षा विभाग में बेदाग और निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनकी पूर्व निर्धारित अर्हताओं तथा लंबे अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें नई टीईटी-2 अनिवार्यता से छूट दी जानी चाहिए।

शिक्षकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक बंशीधर भगत ने तत्काल शिक्षा निदेशक एवं शिक्षा सचिव से दूरभाष पर वार्ता कर विषय से अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर वर्ष 2014 से पूर्व नियुक्त एलटी शिक्षकों को टीईटी-2 की अनिवार्यता से छूट प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने उल्लेख किया कि वर्ष 2014 में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली लागू होने के बाद टीईटी-2 की अनिवार्यता प्रभावी हुई थी। इससे पहले नियुक्त शिक्षक तत्कालीन नियमों के अनुरूप योग्यताएं पूरी कर सेवा में आए हैं, इसलिए उन्हें इस नई व्यवस्था से बाहर रखा जाना चाहिए। विधायक ने ऐसे शिक्षकों की दीर्घ सेवाओं को देखते हुए एलटी से प्रवक्ता तथा एलटी/प्रवक्ता से प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शीघ्र सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर कुमाऊं मंडलीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति मजगई, जनपद उपाध्यक्ष मदन गोस्वामी, जनपद संयुक्त मंत्री गिरीश कांडपाल, जनपद संयुक्त मंत्री महिला कुसुम पांडे, पूर्व मंडलीय अध्यक्ष डॉ. गोकुल मर्तोलिया, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. विवेक पांडे, जिला कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार, पूर्व जिला उपाध्यक्ष हेम त्रिपाठी, पूर्व जिला संयुक्त मंत्री त्रिलोक ब्रजवासी, ब्लॉक अध्यक्ष हल्द्वानी हरीश पाठक, ब्लॉक मंत्री गणेश जोशी, ब्लॉक मंत्री बेतालघाट राजेश बेलवाल, ब्लॉक अध्यक्ष धारी दीप जोशी, पूर्व संयुक्त मंत्री पिथौरागढ़ बलवंत हयांकी, डॉ. प्रमोद भट्ट, पूर्व ब्लॉक मंत्री ओखलकांडा जगदीश कुमार बिमल, कैलाश जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राजकीय शिक्षक संघ नैनीताल ने विधायक बंशीधर भगत द्वारा मामले को गंभीरता से उठाने, शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता करने तथा मुख्यमंत्री के समक्ष विषय रखने पर उनका आभार व्यक्त किया। संघ ने उम्मीद जताई कि प्रदेश के हजारों वरिष्ठ एवं सेवारत एलटी शिक्षकों के हित में सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।

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