ब्रेकिंग न्यूज़
व्यापारियों की समस्याओं पर सीएम धामी का भरोसा—“आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखंड को सीएम धामी की बड़ी सौगात: हल्द्वानी में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण का ₹43.50 करोड़ से शिलान्यास, पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभनेपाल में ग्लेशियर फ्लैश फ्लड से भीषण तबाही: मौतों का आंकड़ा 552 पार, 1500 से अधिक लापता; 320 भारतीयों का अब तक नहीं चला पता, 400 चीन में सुरक्षितदर्दनाक सड़क हादसा: यात्रियों से भरी बस पलटी, स्कूटी सवार दो लोगों की मौतमुख्यमंत्री धामी का आज हल्द्वानी दौरा, गौलापार में खेल विश्वविद्यालय का करेंगे भूमि-पूजन; उद्योग जगत से भी करेंगे संवाद

हल्द्वानी। एचओडी मोर्चरी में पंचनामा प्रक्रिया को लेकर हाल ही में किए गए बदलावों से पुलिसकर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहले जहां पंचनामा तैयार करने के लिए मोर्चरी परिसर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहती थीं, वहीं अब व्यवस्था में बदलाव के कारण पुलिसकर्मियों का समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पहले पंचनामा भरने के दौरान मोर्चरी में कुर्सी और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध रहती थी, जिससे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई आसानी से पूरी कर लेते थे।

लेकिन अब मोर्चरी प्रशासन द्वारा कुर्सियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। आरोप है कि कुर्सियों को हटा दिया गया है, जिसके चलते पुलिसकर्मियों को घंटों खड़े होकर पंचनामा तैयार करना पड़ रहा है।

पुलिसकर्मियों का कहना है कि देसी पंचनामा जैसी विस्तृत प्रक्रिया को खड़े-खड़े पूरा करना बेहद कठिन होता है।

कई मामलों में दस्तावेज तैयार करने में लंबा समय लगता है, जिससे कर्मचारियों को शारीरिक असुविधा के साथ-साथ कार्य निष्पादन में भी परेशानी हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, पहले पंचनामा तैयार होने के बाद संबंधित उपनिरीक्षक (दरोगा) आवश्यक कार्रवाई पूरी कर वापस अपने क्षेत्र में लौट जाता था, जबकि एक कांस्टेबल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने तक मोर्चरी में मौजूद रहता था।

नई व्यवस्था के तहत अब उपनिरीक्षक को भी पोस्टमार्टम प्रक्रिया तक मौके पर रुकने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उन्हें कई-कई घंटे मोर्चरी में ही बिताने पड़ रहे हैं।

पुलिस विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उनके अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एक अधिकारी के कई घंटों तक मोर्चरी में व्यस्त रहने से थाना और क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

पुलिसकर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से मोर्चरी में पूर्व की तरह मूलभूत सुविधाएं बहाल करने तथा पंचनामा और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समयबद्ध और सुविधाजनक व्यवस्था लागू की जाए तो पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।

फिलहाल इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग अथवा मोर्चरी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पुलिसकर्मियों के बीच इस नई व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़ें :  भूस्खलन की जद में पौराणिक देवी मंदिर, सुरक्षा दीवार की मांग

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.