धारी (नैनीताल)। दिनांक 24 जनवरी 2026 की रात ग्राम सभा कौल में बाहरी बिल्डरों द्वारा जेसीबी मशीन से खोदकर रोड का अवैध निर्माण किया गया।

इसके बाद 26 जनवरी 2026 को दोबारा निर्माण कार्य किया गया, जिस पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की।

मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध सड़क निर्माण को लेकर बाद में यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित भूमि वन पंचायत की नहीं बल्कि नॉन-जेडए (Non-ZA) क्षेत्र में आती है।

जबकि रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि दिनांक 24/01/2025 से पूर्व वन पंचायत के अंतर्गत दर्ज बताई जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि की स्थिति को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जिससे अवैध निर्माण को वैध ठहराने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर भी सवाल उठने लगे हैं।

अवैध सड़क निर्माण से न केवल सरकारी/वन पंचायत भूमि को नुकसान पहुँचा है, बल्कि गांव के उपयोगी और विकास कार्यों की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

👉 ग्रामीणों ने मांग की है कि

✔ मामले की निष्पक्ष जांच हो

✔ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए

✔ अवैध सड़क निर्माण को तत्काल रोका/हटाया जाए

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