सख्त नकल विरोधी कानून के तहत उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकल माफिया हाकम सिंह और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया है।

दोनों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की मांग करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अभ्यर्थियों को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सफलता दिलाने का प्रलोभन देकर 12 से 15 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे। योजना यह थी कि यदि परीक्षार्थी स्वतः चयनित हो जाते तो आरोपी रकम हड़प लेते और असफल होने की स्थिति में भविष्य की परीक्षाओं में पैसे “एडजस्ट” करने का बहाना बनाकर अभ्यर्थियों को अपने झांसे में रखते।

देहरादून पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी। इसी दौरान सूचना मिली कि परीक्षा में धोखाधड़ी करने के लिए गिरोह सक्रिय है। जांच में सामने आया कि पंकज गौड़, हाकम सिंह के संपर्क में है और अभ्यर्थियों से पैसे की मांग कर रहा है। इस आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को पटेल नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

STF SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा में नकल गिरोह के सरगना हाकम सिंह और उसके साथी को गिरफ्तार किए जाने पर कहा, “मुख्यमंत्री द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून पारित करने के बाद से, STF, जिला पुलिस और साइबर पुलिस हर परीक्षा से पहले लगातार निगरानी कर रही है।

दो दिन पहले, जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्तियों ने कुछ अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें कुछ पैसे के बदले परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन दिया था। जांच के दौरान, पंकज गौड़ को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कुल 6 छात्रों से इन्होंने संपर्क किया था और उनसे 12-15 लाख रुपये मांगे थे। पंकज गौड़ हाकम सिंह के संपर्क में था।

हाकम सिंह से भी पूछताछ की गई, और दोनों को गिरफ्तार किया गया… हमें गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों के खिलाफ सबूत और रिकॉर्डिंग मिली हैं। UKSSSC के एक पत्र को भी जांच में शामिल किया गया था।

इसके अलावा, STF उन सभी आरोपियों के ठिकानों की जांच कर रही है जो पूर्व में ऐसे मामलों में प्रकाश में आए थे या जेल गए थे और उनसे विभिन्न जिलों में पूछताछ भी की जा रही है।”

देहरादून SSP अजय सिंह ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा में नकल गिरोह के सरगना हाकम सिंह और उसके साथी को गिरफ्तार किए जाने पर कहा, “जब से मुख्यमंत्री ने नकल-रोधी कानून लागू किया है, हमारी खुफिया इकाइयां और विशेष कार्य बल (STF) इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।

हमने इस संबंध में कार्रवाई की है और आयोग को सूचित कर दिया गया है। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में जांच होगी और अंदर आने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी। किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की अनुमति नहीं होगी। सख्त कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर कोई कल की परीक्षा में आए और बिना किसी चिंता के परीक्षा दे। नकल-रोधी कानून में परीक्षा कार्यक्रम के बारे में अफवाह फैलाने वालों के लिए भी प्रावधान है।”

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