भीमताल (ओखलकांडा)। क्षेत्र के जमरानी गांव में एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति पर अपने पालतू गौवंश को दूध देना बंद होने के बाद जंगल में छोड़ने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार नरसिंह नामक व्यक्ति ने अपनी गाय को नाई क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया, जिसके चलते वह पहाड़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल अवस्था में मिली गाय का प्राथमिक उपचार विश्व हिन्दू परिषद के प्रखंड ओखलकांडा के कार्यकर्ता धीरेंद्र सिंह नयाल द्वारा कराया गया।
इसके बाद कई बार पशु स्वामी को सूचना दी गई कि वह अपनी घायल गाय को घर ले जाए, लेकिन आरोप है कि नरसिंह ने कोई रुचि नहीं दिखाई।
समय पर देखभाल न मिलने के कारण अंततः गौवंश की मौत हो गई। मामले की जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के जिला गौ रक्षा प्रमुख करन पनेरू को दी गई, जिन्होंने भी संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने खनस्यू थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस सूचना के बाद नरसिंह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और मृत गौवंश को दफनाया गया।
गौ रक्षा प्रमुख ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में कई ग्रामीण दूध देना बंद करने पर गौवंश को इस तरह जंगलों में छोड़ रहे हैं, जो न केवल अमानवीय है बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है।

