उत्तराखंड सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अब सख़्त हो गई है।
राज्य में प्रवेश करने वाले सभी बाहरी वाहनों पर अब ग्रीन सेंस लगाने को अनिवार्य कर दिया है।
आरटीओ विभाग ने इस नई व्यवस्था को लेकर बताया की उत्तराखंड की सीमाओं में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के चलते प्रदूषण स्तर में भी इजाफा हुआ है।
ऐसे में ग्रीन सेंस के जरिए राज्य में एंट्री करने वाले वाहनों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग होगी।
ग्रीन सेस हर छोटे बड़े वाहन में लगेगा यहा शुल्क अलग अलग वाहनों के अनुसार कटेगा वही इलेक्ट्रिक वाहन (EV), CNG वाहन, सरकारी वाहन, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड इसके शुल्क से मुक्त रहेंगे ।
सेस को FASTag के जरिए वसूल किया जाएगा, और ENPR कैमरों का इस्तेमाल होगा।
एक एंट्री का चार्ज 24 घंटे के लिए मान्य होगा सरकार को जो पैसा मिलेगा, उसे वायु प्रदूषण नियंत्रण, सड़क-धूल नियंत्रण, हरित अवसंरचना (trees, green spaces), और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खर्च किया जाएगा।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि यह सिस्टम हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगा।

