8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: लागू होने से पहले 70% तक पहुंच सकता है महंगाई भत्ता
नई दिल्ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार ने आठवें वेतन आयोग को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले से लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी प्रभावित होंगे। हालांकि, आयोग के गठन के बाद भी इसके कार्यान्वयन में समय लगने की संभावना को लेकर कर्मचारियों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि नए वेतनमान लागू होने पर उन्हें कितना बकाया मिलेगा।
डीए वृद्धि की रफ्तार रही सबसे धीमी
सातवें वेतन आयोग के कार्यकाल में अब तक महंगाई भत्ता (DA) की वृद्धि सबसे धीमी रही है। यह स्थिति पांचवें और छठे वेतन आयोग के दौर से अलग मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीए में धीमी बढ़ोतरी का असर यह हो सकता है कि आठवें वेतन आयोग के तहत वेतन संशोधन ज्यादा प्रभावी साबित हो।
गौरतलब है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) शून्य (0%) से दोबारा शुरू किया जाता है।
मार्च में 60% तक पहुंच सकता है डीए
पांचवें वेतन आयोग (1996–2006) में डीए करीब 74% तक पहुंचा
छठे वेतन आयोग (2006–2016) में डीए 125% तक गया
सातवें वेतन आयोग के तहत वर्तमान में डीए 58% है
मार्च में होने वाले अगले संशोधन के बाद डीए के लगभग 60% तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
साल में दो बार होता है डीए संशोधन
महंगाई भत्ते में संशोधन हर साल दो बार (मार्च और अक्टूबर) किया जाता है, जो क्रमशः जनवरी और जुलाई से प्रभावी माना जाता है। सरकार ने नवंबर 2025 में आठवें वेतन आयोग का गठन किया था और आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
8वें वेतन आयोग से पहले 70% तक जा सकता है डीए
अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 2027 के मध्य से पहले प्रस्तुत नहीं होगी। इस दौरान डीए में कम से कम तीन और बढ़ोतरी होने की संभावना है—
मार्च 2026
अक्टूबर 2026
मार्च 2027
यदि हर बार औसतन 2 से 4 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले महंगाई भत्ता लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।





