देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम रेल परियोजना अब धरातल पर तेजी से आगे बढ़ती नजर आ रही है। लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए सर्वेक्षण कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
पौड़ी सांसद अनिल बलूनी और नैनीताल सांसद अजय भट्ट द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 216 किलोमीटर लंबाई की तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 40,384 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक 16 किलोमीटर रेलखंड को चालू किया जा चुका है, जबकि मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को चारधाम कनेक्टिविटी की आधारशिला बताया गया है।
यह महत्वपूर्ण रेल लाइन देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी। इससे देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि प्रस्तावित विस्तार मार्ग हिमालय के अत्यधिक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र, विशेषकर मेन सेंट्रल थ्रस्ट के समीप से गुजरता है। ऐसे में परियोजना के निर्माण में उच्च स्तरीय तकनीकी सतर्कता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।














