हल्द्वानी। कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, धोखाधड़ी से धनराशि हड़पने, अवैध निर्माण, पारिवारिक विवाद, पेयजल आपूर्ति, रोडवेज बस स्टेशन के बाहर अनावश्यक बसों के खड़े होने से लगने वाले जाम जैसी गंभीर शिकायतें सामने आईं, जिन पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में मुख्य रूप से काशीपुर से आई एक शिकायत में पुरानी फर्म के आधार पर पांच नई कंपनियां बनाकर भू-कानून का उल्लंघन करते हुए विभिन्न स्थानों पर भूमि क्रय करने और भूमि दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया गया।
इस पर आयुक्त दीपक रावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह का कृत्य कतई स्वीकार्य नहीं है और जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हल्द्वानी रोडवेज बस अड्डे के बाहर निजी व रोडवेज बसों द्वारा सवारियां बैठाने और कालूसिद्ध मंदिर के आसपास ठेला-रेहड़ी लगने से मुख्य मार्ग पर जाम की शिकायत पर आयुक्त ने पुलिस विभाग को नियमित चेकिंग कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोडवेज बस स्टेशन के बाहर मुख्य मार्ग पर किसी भी बस द्वारा यात्रियों को बैठाना प्रतिबंधित किया जाए और अवैध रूप से खड़े ठेला-रेहड़ी तत्काल हटवाए जाएं, ताकि यातायात सुचारू हो सके।
रामनगर के मालधचौड़ क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा लगाए जा रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स की गुणवत्ता को लेकर आई शिकायत पर आयुक्त ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं, भूमि क्रय-विक्रय व धनराशि लेनदेन से जुड़े मामलों में जनसुनवाई के दौरान कई शिकायतकर्ताओं को उनकी धनराशि वापस कराई गई और संबंधित व्यक्तियों द्वारा चेक उपलब्ध कराए गए, जिस पर लोगों ने आयुक्त का आभार जताया।
जनसुनवाई में बनभूलपुरा क्षेत्र के निवासियों ने इंद्रानगर, किदवई नगर, उजाला नगर सहित अन्य क्षेत्रों में नालियों में जाली लगाने, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व विद्युत आपूर्ति की समस्याएं रखीं। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
इसके अलावा गांधीनगर क्षेत्र में पैदल मार्ग और ड्रेनेज सिस्टम की समस्या तथा काठगोदाम क्षेत्र में भूमि विवाद और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर आयुक्त ने राजस्व विभाग को मौके पर सरकारी भूमि चिन्हित कर सीमांकन करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।














