रामनगर। रामनगर में बन रहे उत्तराखंड के पहले पांच मंजिला आधुनिक बस टर्मिनल के निर्माण पर बजट न मिलने के कारण ब्रेक लग गया है। प्रोजेक्ट में आंशिक बदलाव और नई सुविधाएं जोड़ने के बाद अतिरिक्त बजट शासन से अब तक स्वीकृत नहीं हो पाया है, जिससे पिछले तीन माह से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।
रामनगर में आधुनिक बस टर्मिनल के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी। पेयजल निर्माण निगम इस परियोजना की कार्यदायी संस्था है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा यात्री सुविधाओं से लैस बस टर्मिनल के लिए राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसमें उत्तराखंड परिवहन मुख्यालय ने रामनगर को बस पोर्ट के लिए चयनित कर केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।
केंद्र सरकार द्वारा योजना को मंजूरी मिलने के बाद 28.57 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी। इसके तहत करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैले रोडवेज परिसर में बस टर्मिनल का निर्माण शुरू हुआ। शुरुआत में इसका निर्माण वर्ष 2024-25 तक पूरा होना था।
हालांकि, बाद में डिजाइन में बदलाव और यात्रियों के लिए कुछ नई सुविधाएं जोड़ने के चलते परियोजना की लागत और समय-सीमा दोनों बढ़ा दी गई। अब इसका निर्माण मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यदायी संस्था ने बढ़ती महंगाई और अतिरिक्त सुविधाओं को देखते हुए कुल 50.14 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें से 28.57 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं, जबकि 21.57 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजट मांग की गई है। बजट स्वीकृत न होने के कारण बीते तीन माह से निर्माण कार्य रुका हुआ है।
बजट मिलने पर किए जाएंगे ये कार्य:
अतिरिक्त बजट मिलने के बाद बस टर्मिनल में आग से बचाव के लिए आधुनिक फायर सिस्टम लगाया जाएगा। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर मिट्टी भरान, परिसर का समतलीकरण, चाहरदीवारी की लंबाई बढ़ाना, सीवेज के लिए एसटीपी और ईटीपी का निर्माण, बिजली फिटिंग और फिनिशिंग जैसे कार्य पूरे किए जाएंगे।
बस टर्मिनल बनने से मिलेंगी ये सुविधाएं:
पांच मंजिला आधुनिक बस टर्मिनल के निर्माण से यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां आधुनिक बस प्लेटफार्म बनाए जाएंगे, जिनसे यह जानकारी मिलेगी कि किस प्लेटफार्म से कौन सी बस किस रूट पर जाएगी। पूरा भवन फुल सेंट्रल एसी होगा। यात्रियों के लिए बड़ा वातानुकूलित प्रतीक्षालय, तीन लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, सामान जांच के लिए स्कैनर, कई रेस्टोरेंट और दुकानें प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, सौ छोटी कारों के लिए बेसमेंट पार्किंग और रोडवेज बसों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था भी की जाएगी।














