उत्तराखंड में 2026 की अब तक की सबसे बड़ी दवा बरामदगी: गदरपुर मेडिकल स्टोर से 10 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित नशीली दवाएं ज़ब्त
उत्तराखंड में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कुमाऊं यूनिट, ड्रग इंस्पेक्टर और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गदरपुर के मेन मार्केट स्थित कुमार मेडिकल हॉल पर छापा मारकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार यह वर्ष 2026 में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी दवा बरामदगी है।
पुख्ता सूचना के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर निधि शर्मा और एसटीएफ इंस्पेक्टर विकास चौधरी के नेतृत्व में टीम मेडिकल स्टोर पहुंची। उस समय दुकान मालिक राजकुमार काउंटर पर मौजूद था। तलाशी के दौरान काउंटर के नीचे रखे एक थैले से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं। सख्त पूछताछ के बाद आरोपी ने दुकान के पीछे बने स्टोर रूम के बारे में जानकारी दी, जहां प्लास्टिक के कट्टों और गत्ते की पेटियों में नशीली दवाओं का जखीरा छिपाकर रखा गया था।
क्या-क्या हुआ बरामद?
छापेमारी में कुल 9,416 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन व अन्य ब्रांड के कैप्सूल, 1,300 मानसिक शांति के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित गोलियां तथा 51 बोतल कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप बरामद किए गए। एक ही ठिकाने से 10 हजार से अधिक नशीली दवाओं की बरामदगी से हड़कंप मच गया।
मुरादाबाद से जुड़े तार
जब ड्रग इंस्पेक्टर ने इन दवाओं के वैध बिल और दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि यह नशीला माल मुरादाबाद से एक सप्लायर के माध्यम से मंगाया जाता था। इससे स्पष्ट है कि यह नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ था और संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी राजकुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत गदरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुरादाबाद स्थित सप्लायर की तलाश जारी है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने टीम की सराहना करते हुए आमजन से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को नशा तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत एसटीएफ या एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।





