हल्द्वानी। बुधपार्क में ऑल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियन के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिभाग किया।वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में नेताओं को सामाजिक कार्यकर्ता का दर्जा प्राप्त है।
जबकि कामगार श्रमिकों को सामाजिक कार्यकर्ता बता उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कहा कि इस हड़ताल के माध्यम से किसानों की फसलों की गारंटीशुदा खरीद के साथ सभी फसलों के लिए एमएसपी निर्धारित करने, अजय मिश्रा टोनी को बर्खास्त करने और उन पर मामला दर्ज करने ऋणग्रस्तता से मुक्ति के लिए छोटे और मध्यम किसान परिवारों को व्यापक ऋण माफी , श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000/- रुपये प्रति माह, 4 श्रम संहिताओं को निरस्त करने, आशा आंगनबाड़ी भोजनमाता समेत सभी स्कीम वर्कर्स को नियमित वेतन और कर्मचारी का दर्जा देने जैसी मांगे उठाई जा रही हैं।
साथ ही वक्ताओं ने मोदी सरकार से भारत के संविधान में निहित लोकतंत्र, फैडरैलिजम, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के मूल सिद्धांतों की रक्षा की भी मांग की ताकि देश के अंदर धार्मिक उन्माद जैसी बातें न हों।





