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हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, अमीर युवकों को ब्लैकमेल करने वाली दो महिलाएं समेत तीन गिरफ्तार

रूद्रपुर। पुलिस ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से रईस युवकों को निशाना बनाकर हनी ट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।

इस मामले में पुलिस ने दो युवतियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और ब्लैकमेल कर वसूली गई धनराशि बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि इस गिरोह में 10 से अधिक पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, जो सोशल मीडिया के माध्यम से आर्थिक रूप से संपन्न युवकों को पहले दोस्ती के जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में बुलाकर ब्लैकमेल कर रुपये वसूलते थे।

एसएसपी के अनुसार ग्राम मडियान शादी, रामपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी दाऊद पुत्र भूरा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी फेसबुक के माध्यम से जौहर उर्फ महक से जान-पहचान हुई थी। कुछ समय बाद जौहर उर्फ महक ने उसे गदरपुर मिलने के लिए बुलाया। जब वह गदरपुर पहुंचा तो वहां मौजूद उसके साथियों ने उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। इसके बाद फर्जी मुकदमे में फंसाने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपये नकद और 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। वारदात के बाद आरोपित कार संख्या यूपी-22-बी-4232 से फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की, जिसकी जिम्मेदारी एसआई नरेश पंत को सौंपी गई। साथ ही आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

सोमवार शाम पुलिस टीम ने चादर बाला बाग, जिला अस्पताल रामपुर निवासी जौहर उर्फ महक पुत्री हबीब खान, राजद्वार कोने वाली गली रामपुर निवासी राबिया पुत्री लईक अहमद तथा स्वार गेट मुड़िया नदार बाग रामपुर निवासी रोहन पुत्र महेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त कार के साथ ही ब्लैकमेल कर वसूली गई धनराशि भी बरामद की है।

पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसमें 10 से 12 महिला एवं पुरुष सदस्य शामिल हैं। गिरोह सोशल मीडिया के जरिए अमीर युवकों को चिन्हित कर उनसे दोस्ती करता था और बाद में अलग-अलग शहरों में बनाए गए ठिकानों पर बुलाकर ब्लैकमेल करता था। रुपये न देने की स्थिति में पीड़ितों पर फर्जी दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार जौहर उर्फ महक के खिलाफ रामपुर में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में थाना गंज रामपुर से गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध रह चुकी है और कई बार जेल जा चुकी है।

अब तक वह विभिन्न क्षेत्रों में करीब एक दर्जन घटनाओं को अंजाम दे चुकी है। गिरोह के फरार सदस्य दीपक, राहुल और शिवम उर्फ हैप्पी की तलाश जारी है, वहीं अन्य सक्रिय सदस्यों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस से भी समन्वय किया जा रहा है।

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