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दयानंद टमटा हत्याकांड पर शिक्षकों का आक्रोश, बुद्ध पार्क में प्रदर्शन कर दोषी को फांसी की मांग

शिक्षकों ने उठाई सुरक्षा की मांग, दयानंद टमटा के परिजनों को 5 करोड़ मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की अपील

हल्द्वानी। बागेश्वर जिले के भटकोला स्थित विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य स्वर्गीय दयानंद टमटा की चाकू मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में राजकीय शिक्षक संघ, नैनीताल के नेतृत्व में सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

शिक्षक संघ ने दोषी को फांसी की सजा, मृतक के परिजनों को 5 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत नैनीताल के बुद्ध पार्क से हुई, जहां जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों ने एकत्र होकर घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज इस जघन्य घटना से स्तब्ध है और दोषी को शीघ्र कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

शिक्षक नेताओं ने प्रदेश के विद्यालयों में स्थायी प्रधानाचार्यों की नियुक्ति करने तथा प्रभारी प्रधानाचार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाचार्यों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान बागेश्वर के प्रभारी प्रधानाचार्य स्वर्गीय दयानंद टमटा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही राजकीय इंटर कॉलेज धानाचुली के प्रवक्ता शमशेर सिंह रौतेला के सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन पर भी दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

इसके बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारी जुलूस के रूप में उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सिटी मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शन में राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के नवनिर्वाचित प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. भुवन जोशी, प्रांतीय संयुक्त मंत्री विनोद जीना, जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, जिला उपाध्यक्ष मदन गोस्वामी, जिला संयुक्त मंत्री गिरीश कांडपाल, पूर्व महामंत्री डॉ. सोहन सिंह मजीला, पूर्व प्रांतीय संयुक्त मंत्री जगदीश सिंह बिष्ट, पूर्व मंडल अध्यक्ष डॉ. गोकुल सिंह मर्तोलिया, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विवेक पांडेय, पूर्व जनपदीय संयुक्त मंत्री राजकीय शिक्षक संघ त्रिलोक चन्द्र ब्रजवासी सहित अनेक पदाधिकारी और जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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