भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ओखलकांडा ब्लॉक में मंगलवार दोपहर अचानक हुई तेज ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी।
खराब मौसम की इस मार से आलू, प्याज, टमाटर, प्लम (आलूबुखारा), आड़ू समेत कई मौसमी सब्जियों और फलों की फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ओखलकांडा के दूरस्थ गांव—कौडार, पश्या, भनपोखरा, देवली, पतलोट और मटेला पोखरी समेत कई क्षेत्रों में ओलों ने जमकर कहर बरपाया। किसानों का कहना है कि उनकी आय का मुख्य स्रोत खेती ही है, ऐसे में फसलों के नष्ट होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने दूरभाष पर ग्रामीणों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुद्दा उठाएंगे और उचित मुआवजे की मांग करेंगे।
हरीश पनेरू ने प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए और किसानों को शीघ्र राहत व मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

