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हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर जिला प्रशासन ने निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 49 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

झइससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 50 विद्यालयों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब तक कुल 99 निजी स्कूल प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे थे, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा था। साथ ही कुछ स्कूलों पर विशेष दुकानों से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं। कई विद्यालयों ने अपनी वेबसाइट पर शुल्क संरचना और पुस्तक सूची जैसी अनिवार्य जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं, भीमताल, बेतालघाट और नैनीताल क्षेत्र के कई प्रमुख निजी स्कूल शामिल हैं। प्रशासन ने सभी विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने और वेबसाइट पर पूरी जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा अभिभावकों द्वारा पहले खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के धनवापसी या समायोजन तथा अतिरिक्त शुल्क को आगामी फीस में एडजस्ट करने के भी आदेश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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