देशभर में 1 जुलाई से कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियां हटाने से लेकर आधार अपडेट, पासपोर्ट शुल्क, रेलवे जुर्माना, क्रेडिट कार्ड सुविधाओं और कारों की कीमतों तक कई बदलाव लागू हो चुके हैं। ऐसे में लोगों के लिए इन नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है।
सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगाई गई पाबंदियां वापस ले ली हैं। अब रिटेल पंपों से डीजल खरीद पर 200 लीटर प्रतिदिन की सीमा खत्म कर दी गई है और बड़े उपभोक्ता भी सामान्य तरीके से ईंधन खरीद सकेंगे।
हर महीने की तरह 1 जुलाई को तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी, पीएनजी और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की समीक्षा की है। वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
यूआईडीएआई ने आधार में ईमेल आईडी जोड़ने या अपडेट कराने की सुविधा 31 दिसंबर तक मुफ्त कर दी है। हालांकि यह सुविधा केवल नए आधार मोबाइल ऐप के जरिए ही उपलब्ध होगी।
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट शुल्क में करीब 14 साल बाद बड़ा इजाफा किया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है, जबकि तत्काल पासपोर्ट की फीस 5,000 रुपये हो गई है। 60 पेज वाले पासपोर्ट और अन्य सेवाओं की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है।
रेलवे में बिना टिकट या अमान्य टिकट के सफर करने पर अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये की जगह 500 रुपये देना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए भी नए नियम लागू हुए हैं। एसबीआई कार्ड्स और एचडीएफसी बैंक ने कुछ कार्डों के रिवॉर्ड प्वाइंट और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।
नई कार खरीदने वालों को भी झटका लगा है। टाटा मोटर्स ने अपनी यात्री गाड़ियों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत और कमर्शियल वाहनों में 2.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। वहीं किआ इंडिया ने भी अपनी सभी कारों की कीमतों में 2 प्रतिशत तक इजाफा किया है।
इनकम टैक्स रिटर्न को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कई खबरें भ्रामक हैं। 1 जुलाई से आईटीआर दाखिल करने के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निर्धारित समयसीमा के अनुसार ही रिटर्न दाखिल किए जाएंगे।
एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को लेकर भी चर्चा है, लेकिन सरकार ने फिलहाल किसी की गैस सप्लाई बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। ऐसे उपभोक्ताओं को समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, 1 जुलाई से लागू हुए इन नए नियमों में कुछ बदलाव आम लोगों को राहत देने वाले हैं, जबकि कुछ से अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते इन नियमों की जानकारी रखना और आवश्यक कार्य पूरे करना जरूरी है।


