ब्रेकिंग न्यूज़
Ratnagiri, India - February 20, 2010: One male teacher teaching in a Government Rural School of India. The school is located in a village called Peve Khare Kound in Ratnagiri District of Maharashtra State.
खबर शेयर करे -

उत्तराखंड में बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार सैनी की अदालत ने पांच साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

सत्यापन में बीएड की फर्जी डिग्री पाई गई

लक्ष्मण सिंह रौथाण पुत्र केदार सिंह रौथाण ने जनता इंटर कॉलेज देवनगर, रुद्रप्रयाग में शिक्षक था। सत्यापन में उसकी बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई। उसने चौधरी चरण सिंह विवि, मेरठ की डिग्री प्रस्तुत की थी। एसआईटी जांच में भी डिग्री के फर्जी होने की पुष्टि हुई।

इसके आधार पर शिक्षा विभाग रुद्रप्रयाग ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही उसे बर्खास्त कर दिया गया था। मामले में पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

मंगलवार को कोर्ट ने लक्ष्मण सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। लक्ष्मण सिंह जिला कारावास पुरसाड़ी भेज दिया गया है।

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी प्रमोद चन्द्र आर्य ने पैरवी की है। उन्होंने बताया कि अब तक जनपद रुद्रप्रयाग में दर्ज फर्जी डिग्री के सभी 26 मामलों में दोषियों काे सजा हो चुकी है।

यह भी पढ़ें :  ईरानी नेता खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश
error: Content is protected !!