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नैनीताल दीन दयाल पार्क में प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ भोजन माताओ ने जमकर नारेबाजी की।

रिपोर्टर गुडडू सिंह ठठोला 

नैनीताल। अंतराष्ट्रीय मजदूर महिला पर प्रगतिशील भोजन माता यूनियन ने भोजन माताओं पर हो रहे अत्याचार और शोषण को लेकर नैनीताल के दीन दयाल पार्क में प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की।

धरना प्रदर्शन कर रही भोजन माताओं का कहना है कि 3 हज़ार प्रतिमाह पर स्कूलों में उनसे बंधुआ मजदूरों की काम कराया जाता है। भोजन माताओं का आरोप है कि उन्हें न तो समय पर मानदेय का भुगतान होता है और न ही बोनस का समय पर दिया जाता है।

भोजन माता यूनियन की महामंत्री रजनी जोशी का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपए प्रचार प्रसार में खर्च कर देती है लेकिन जब भोजन माताओं के मानदेय बढ़ाने की बात आती है तो सरकार चुप्पी साध लेती है।

उन्होंने कहा अगर सरकार भोजन माताओं की समस्या को गम्भीरता से लेते उनकी समस्याओं को हल नही करती तो प्रदेश भर की भोजन माताएं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

इस अवसर पर भोजनमाताओं ने उन पूर्वज माताओं को याद किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज और परिवार के लिए संघर्ष किया तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता तैयार किया।

उपस्थित भोजन माताओं ने संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष को और मजबूत करेंगी तथा एकजुट होकर आगे बढ़ेंगी।

कार्यक्रम के दौरान वर्तमान समय में दुनिया में हो रही हिंसक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में मारे गए लोगों और मासूम बच्चों की स्मृति में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और विश्व में शांति की कामना की।

अंत में वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि महिलाओं के अधिकार, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने का भी दिन है।

भोजन माताओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान के लिए निरंतर आवाज उठाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में तुलसी आर्या, हेमा,रेखा अनीता, ममता, तारा आदि शामिल रहे।

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