बनबसा-चंपावत रोड पर बाइक से गिरने के बाद कार्डियक अरेस्ट का शिकार हुआ था युवक, सेना की त्वरित कार्रवाई से मिला नया जीवन
टनकपुर/चंपावत। भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि हर आपात स्थिति में नागरिकों की मदद के लिए भी तत्पर रहती है।
इसका प्रेरणादायक उदाहरण बुधवार को बनबसा-चंपावत रोड पर देखने को मिला, जब सड़क पर गिरे एक युवक की सांसें थम जाने के बावजूद भारतीय सेना के मेजर जनरल वीके पात्रा ने अपनी सूझबूझ और चिकित्सा प्रशिक्षण से उसकी जान बचा ली।
बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे मेजर जनरल वीके पात्रा सैन्यकर्मियों के साथ बरेली से पिथौरागढ़ की ओर जा रहे थे। टनकपुर के सूखीढांग क्षेत्र के पास सड़क किनारे भीड़ लगी देख उन्होंने अपना वाहन तुरंत रुकवाया। मौके पर पहुंचने पर देखा कि एक युवक सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ा है और आसपास मौजूद लोग उसे मृत समझकर केवल तमाशबीन बने हुए हैं।
मेजर जनरल ने युवक की नब्ज और धड़कन जांची तो पता चला कि उसे कार्डियक अरेस्ट आया है। उन्होंने बिना समय गंवाए मौके पर ही कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू कर दिया। साथ ही मौजूद सैन्यकर्मियों को रेस्क्यू ब्रीद (कृत्रिम सांस) देने में सहयोग करने के निर्देश दिए।
करीब दो मिनट तक लगातार सीपीआर देने के बाद युवक की सांसें और धड़कन फिर से चलने लगीं। सिर में चोट की आशंका को देखते हुए मेजर जनरल ने उसे रिकवरी पोजीशन में लिटाया, ताकि उसकी स्थिति स्थिर बनी रहे।
इसके बाद बनबसा छावनी से सेना की एंबुलेंस मौके पर बुलाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चल्थी चौकी पुलिस ने युवक के मोबाइल से परिजनों का संपर्क नंबर निकालकर घटना की सूचना दी।
जानकारी के अनुसार युवक की पहचान लक्ष्मण सिंह, निवासी बुधाबाग चकरपुर (खटीमा) के रूप में हुई है। वह अपने रिश्तेदारों के साथ लोहाघाट में पूजा के लिए जा रहे थे। रास्ते में बाइक से गिरने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसे लोग सामान्य दुर्घटना मानकर मृत समझ बैठे थे।
गुरुवार को इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मेजर जनरल वीके पात्रा की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय सेना के जवान और अधिकारी केवल सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में देशवासियों के सच्चे रक्षक भी हैं।


