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2022 के आंदोलन की यादें ताजा, पुलिस परिवारों में बढ़ी नाराजगी; विभाग भी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर बनाए हुए

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के जवानों को 4600 रुपये ग्रेड पे दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं, जिसके बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटा है जो इस मुद्दे को आंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के परिवारों ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किए थे। सेवा नियमों के कारण पुलिसकर्मी सीधे आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते थे, इसलिए उनकी पत्नियां और अन्य परिजन देहरादून समेत कई जिलों में सड़कों पर उतरे थे। उस समय आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला था और सरकार पर भी दबाव बना था।

बाद में सरकार ने कई पुलिसकर्मियों को 4200 ग्रेड पे के साथ पदोन्नति देकर अपर उपनिरीक्षक (एएसआई) बनाया, जिससे मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया। हालांकि 4600 ग्रेड पे की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर इस मांग को लेकर पोस्ट और अभियान तेज हो गए हैं। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का कहना है कि 24 घंटे कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, आपदा प्रबंधन, चुनाव, त्योहारों और अपराध नियंत्रण जैसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें अपेक्षित वेतनमान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

विधानसभा चुनावों की आहट के बीच इस मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है। यदि समय रहते सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष भी इसे चुनावी मुद्दा बना सकता है। इस आंदोलन में वर्ष 2002 बैच के पुलिसकर्मियों के परिवारों की भागीदारी अधिक बताई जा रही है।

वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि पुलिस एक अनुशासित बल है और कोई भी पुलिसकर्मी या उसका परिवार इस प्रकार के आयोजन में शामिल नहीं होगा। विभाग का यह भी कहना है कि वर्ष 2022 के बाद कई पुलिसकर्मियों का ग्रेड पे बढ़ाया गया है और उन्हें पदोन्नति भी दी गई है।

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