चमोली। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह 6:15 बजे विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। फूलों से सजे भगवान बद्री विशाल के दरबार के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। परंपरा के अनुसार कपाट खुलने के बाद सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया।
इससे पूर्व बुधवार को पांडुकेश्वर स्थित योग-ध्यान बदरी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तेल कलश यात्रा और देव डोलियां बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुईं। यात्रा मार्ग में विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने डोली यात्रा का भव्य स्वागत किया। कुबेरजी के विग्रह को बामणी गांव स्थित नंदा देवी मंदिर और उद्धवजी के विग्रह को रावल निवास में रात्रि भोग लगाया गया।
कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने दर्शन को लेकर खुशी जताई और धाम में भंडारे का आयोजन भी किया गया।
इस बार चारधाम यात्रा 2026 में नए नियम भी लागू किए गए हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री समेत कुछ तीर्थ स्थलों पर प्रवेश को लेकर नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बद्री विशाल की कृपा सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए। उन्होंने पवित्र चारधाम यात्रा 2026 के लिए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत और बधाई दी।

