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दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कीमत के मामले में गुरुवार को एप्पल को पीछे छोड़ दिया और दुनिया की सबसे महंगी कंपनी बन गई।

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों के भाव में 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जिससे बाजार में इसकी वैल्युएशन 2875 अरब डॉलर हो गई है। जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पैसे कमाने की दौड़ में आगे रहने से इसे निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिली है।

2021 के बाद अब पीछे हुई एप्पल

वहीं, एप्पल के शेयरों की कीमतों में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। अब इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 2871 अरब डॉलर हो गया है। बता दें कि ऐसा साल 2021 के बाद से पहली बार हुआ है जब एप्पल इस मामले में माइक्रोसॉफ्ट से नीचे हुई हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तय था कि माइक्रोसॉफ्ट एप्पल से आगे निकल जाएगी क्योंकि वह तेजी से बढ़ रही है और उसके पास जेनरेटिव एआई रिवॉल्यूशन से फायदा कमाने के लिए ज्यादा मौके हैं। ये कारण ऐसा होने की ओर काफी पहले से इशारा कर रहे थे।

साल 2023 के खत्म होने तक एप्पल के शेयरों में 48 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के लिए यह आंकड़ा 57 प्रतिशत रहा। इसने 2023 में आक्रामक रूप से एआई टूल्स लॉन्च किए थे। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट ने चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआई से करार किया था।

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