गुणवत्ता खराब होने की शिकायतों के बाद की गई निगरानी, जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए चम्पावत दुग्ध संघ को भेजी गई
खटीमा/टनकपुर। ऊधमसिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की सतर्कता से दूध चोरी और मिलावट का एक बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार को संघ के प्रधान प्रबंधक राजेश मेहता ने अपनी टीम के साथ कार्रवाई करते हुए टनकपुर चिलिंग प्लांट से खटीमा दूध लेकर आ रहे वाहन चालक को कथित तौर पर रास्ते में दूध चोरी कर बेचते और उसकी भरपाई के लिए पानी मिलाते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
प्रधान प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि वाहन चालक गोपाल सिंह प्रतिदिन चम्पावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के टनकपुर दुग्ध चिलिंग प्लांट से दूध लेकर खटीमा प्लांट पहुंचता है। खटीमा प्लांट में दूध की गुणवत्ता की जांच के बाद ही चम्पावत दुग्ध संघ को भुगतान किया जाता है। पिछले कई दिनों से चम्पावत दुग्ध संघ की ओर से गुणवत्ता के अनुरूप भुगतान नहीं मिलने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पूरे मामले की निगरानी शुरू की गई।
मंगलवार को राजेश मेहता अपनी टीम के साथ टनकपुर रोड स्थित नदन्ना पुल के पास निगरानी के लिए पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान वाहन चालक ने अमाऊं के एक डेरी संचालक को वाहन के केन से करीब 100 लीटर दूध उतारकर 30 रुपये प्रति लीटर की दर से बेच दिया। बताया गया कि डेरी संचालक अपने साथ पानी से भरा केन लेकर आया था, जिसे चालक चोरी किए गए दूध की भरपाई करने के लिए वाहन में रखे दूध में मिला रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चालक एक अन्य व्यक्ति को भी प्रतिदिन करीब दो लीटर दूध बेचता था। टीम ने मौके पर ही चालक को पकड़ लिया और पूरे घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण किया।
राजेश मेहता ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए चम्पावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रधान प्रबंधक को भेज दी गई है। वाहन चालक और अन्य संबंधित आरोपियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई चम्पावत दुग्ध संघ द्वारा की जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान प्रभारी विपणन मदन शर्मा, डॉ. सतीश दुबे तथा प्रभारी उपार्जन मनोहर सिंह कोयराली भी मौजूद रहे।
प्रारंभिक जांच में सामने आए इस मामले ने दूध की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आगे की विभागीय और पुलिस कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


