245.73 लाख स्वीकृत, पहले सुधरे पूरी सड़क का ड्रेनेज और फुटपाथ: भीमताल-नौकुचियाताल सड़क के कायाकल्प की मांग
भीमताल। पर्यटन नगरी भीमताल को नौकुचियाताल से जोड़ने वाली लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। हर मानसून में यह सड़क जगह-जगह जलभराव, गड्ढों और उखड़े डामर की वजह से लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है।
स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क किनारे जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
लंबे समय से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा सड़क के पुनर्निर्माण की मांग उठाई जा रही थी।
अब शासन द्वारा इस सड़क के कायाकल्प के लिए 245.73 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने से लोगों में उम्मीद जगी है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से आग्रह किया है कि इस धनराशि का उपयोग केवल डामरीकरण तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त किए बिना केवल नई सड़क बना दी गई, तो हर वर्ष की तरह बरसात में डामर फिर उखड़ जाएगा और सरकारी धन व्यर्थ चला जाएगा।
उनका कहना है कि पहले सड़क की “बीमारी” का इलाज होना चाहिए, उसके बाद ही डामरीकरण किया जाए।
पूरन बृजवासी की प्रमुख मांगें
पहले ड्रेनेज, फिर डामर: पूरी छह किलोमीटर सड़क की नालियों को खोलकर पक्का किया जाए ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो और डामर लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
सुरक्षित फुटपाथ का निर्माण: सड़क के दोनों ओर इंटरलॉक टाइल्स से पक्के फुटपाथ बनाए जाएं, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक सुरक्षित रूप से पैदल चल सकें।
मलबा आने वाले स्थानों का स्थायी उपचार: जिन स्थानों पर पहाड़ियों से बार-बार मलबा सड़क पर आता है, वहां वैज्ञानिक एवं स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाएं।
उच्च गुणवत्ता वाला निर्माण: स्वीकृत 245.73 लाख रुपये की धनराशि का पारदर्शिता के साथ उपयोग हो और सड़क का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वह कम से कम दस वर्षों तक टिकाऊ रहे।
पूरन बृजवासी ने कहा कि यदि बिना योजना और गुणवत्ता के केवल औपचारिकता निभाते हुए कार्य किया गया तो यह धनराशि भी पहले की तरह व्यर्थ साबित होगी। उन्होंने शासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
उन्होंने कहा कि भीमताल और नौकुचियाताल उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण सड़क की बदहाल स्थिति का सीधा असर पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आम लोगों की दैनिक आवाजाही पर पड़ रहा है।
इसलिए इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों और पर्यटकों को वर्षों तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।


