बबीता बिष्ट रही अगरबत्ती बनाने की प्रशिक्षक
अगरबत्ती में है रोजगार की प्रबल संभावनाएं
अगरबत्ती उद्योग बन सकता है रोजगार का प्रबल माध्यम
स्वरोजगार के उत्कृष्ट उद्योगों में है अगरबत्ती
उद्योग कम लागत में अधिक मुनाफे का है रोजगार।
कोटाबाग/कालाढूंगी। राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग में उद्यमिता विकास कार्यक्रम जारी है उद्यमिता विकास कार्यक्रम में आज 9वे दिन छात्र-छात्राओं को अगरबत्ती उद्योग से परिचय कराया गया । कुमारी बबिता बिष्ट बतौर प्रशिक्षक शिविर में पधारी ।
और परक्षिक्षणार्थियों को अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया ।
अगरबत्ती एक कुटीर उद्योग के रूप में काम में लाया जाता है और छात्र-छात्र इसे स्वरोजगार से जुड़ सकते हैं। अगरबत्ती लगभग हर घर में प्रयोग की जाती है और इसे बनाने की विधि सीख कर हम स्वयं का और अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकते हैं ।
छात्र-छात्राओं ने अगरबत्ती बनाने के तौर तरीके ध्यानपूर्वक सुने देखें और अगरबत्ती बनाने का अभ्यास भी किया ।
और कई छात्र-छात्राएं अगरबत्ती बनाने के अभ्यास में सफल भी रहे ।
दूसरे सत्र में श्री पंकज कोटाबाग से आए जिन्होंने छात्र-छात्राओं को पैराग्लाइडिंग के गुर सिखाए पैराग्लाइडिंग की बारीकियां से अवगत कराया ।
और पैराग्लाइडिंग में रोजगार की संभावनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया ।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को पैराग्लाइडिंग का अनुभव भी कराया ।
पैराग्लाइडिंग के प्रत्येक उपकरणों से छात्र-छात्राओं को परिचय भी कराया ।
कार्यक्रम की संयोजक डॉक्टर बिंदिया राही सिंह रही।
इस अवसर पर सैकड़ो छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।