हरिद्वार। हर की पौड़ी पर कंदूरा पहने दो युवकों का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
हरिद्वार में गंगा के मुख्य स्नान घाट हर की पौड़ी पर मंगलवार को शेख के लिबास (कंदूरा) में घूमते दो युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है।
कुंभ मेला क्षेत्र में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बहस
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब कुंभ मेला क्षेत्र स्थित गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में युवक हर की पौड़ी के मालवीय घाट और आसपास के क्षेत्रों में घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे तीर्थ पुरोहितों और संत समाज में नाराज़गी देखी गई।
गंगा सभा को दी गई सूचना
वीडियो वायरल होने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने इसकी जानकारी गंगा सभा को दी। गंगा सभा के पदाधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस और गंगा सभा के पहुंचने से पहले ही दोनों युवक वहां से निकल चुके थे।
युवकों ने खुद को बताया सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
पुरोहितों के अनुसार, जब कंदूरा पहने युवकों को रोका गया और उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना नाम दुबई निवासी हबीबुल्ला और हबीबी बताया। युवकों ने कहा कि वे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और यूट्यूब के लिए वीडियो बना रहे थे।
वीडियो में दिया गया बयान विवाद का कारण
वायरल वीडियो में युवकों में से एक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि
“वे हिंदुस्तान में कहीं भी घूम सकते हैं।”
इसके बाद दोनों को हर की पौड़ी परिसर में बेफिक्र घूमते हुए देखा गया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
गंगा सभा का आरोप
गंगा सभा के पदाधिकारी उज्जवल पंडित ने आरोप लगाया कि वीडियो से साफ प्रतीत होता है कि जानबूझकर हर की पौड़ी के धार्मिक माहौल को खराब करने की कोशिश की गई।
पुलिस और प्रशासन कर रहा जांच
अधिकारियों के अनुसार, युवक कहां से आए, किस उद्देश्य से धार्मिक क्षेत्र में इस विशेष लिबास में मौजूद थे और वीडियो बनाने के पीछे मंशा क्या थी—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि
“मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
गौरतलब है कि हाल के दिनों में गंगा सभा और संत समाज की ओर से हर की पौड़ी समेत कुंभ मेला क्षेत्र के सभी गंगा घाटों को गैर हिंदू प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है, जिस पर उत्तराखंड सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।





