हरिद्वार जाते समय रोके गए, शिव चौक पर मीडिया से की तीखी बयानबाजी
गाजियाबाद/हरिद्वार। शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए कानून को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस कानून को “हिंदुओं के लिए डेथ वारंट” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
यूजीसी कानून को बताया हिंदुओं को बांटने वाला
सरकार पर साजिश रचने का लगाया आरोप
यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि यूजीसी का नया कानून हिंदू समाज को आपस में लड़ाने का षड्यंत्र है। उनका कहना था कि इस कानून के जरिए हिंदुओं के बीच विभाजन पैदा किया जाएगा, जिससे समाज कमजोर होगा। उन्होंने दावा किया कि यदि यह कानून लागू रहा, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
सांकेतिक उपवास में शामिल होने जा रहे थे हरिद्वार
उत्तराखंड पुलिस ने रास्ते में ही रोका
रविवार को यति नरसिंहानंद गिरी महाराज यूजीसी कानून के विरोध में हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर प्रस्तावित एक दिवसीय सांकेतिक उपवास कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
शिव चौक पहुंचकर धरने में शामिल होने की कोशिश
पुलिस ने तुलसी पार्क में भी जाने से रोका
हरिद्वार जाने से रोके जाने के बाद यति नरसिंहानंद गिरी महाराज शिव चौक पहुंचे। यहां उन्होंने तुलसी पार्क में चल रहे धरने में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन नगर कोतवाली पुलिस ने वहां भी उन्हें रोक दिया।
“हिंदुओं से विरोध का अधिकार छीना जा रहा”
मीडिया से बातचीत में सरकार पर लगाए आरोप
शिव चौक पर मीडिया से बातचीत करते हुए यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि यूजीसी के नए कानून के खिलाफ विरोध करने से उन्हें रोका गया, जो यह दर्शाता है कि अब हिंदुओं को विरोध प्रदर्शन का अधिकार नहीं रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर देश में कुछ वर्ग अपनी जनसंख्या बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ऐसे कानून ला रही है, जो हिंदुओं को आपस में संघर्ष की स्थिति में डाल सकते हैं।
“काला कानून वापस लिया जाए”
भविष्य में और कानून आने की जताई आशंका
यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूजीसी के नए कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इस तरह के और कानून लाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हिंदू समाज को एकजुट रहने और सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस कानून के खिलाफ विरोध हर स्तर पर जारी रहेगा।














